अक्टूबर 8, 2026 6:39 पूर्वाह्न

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नई दिल्ली: यशोभूमि में मोबाइल इंडिया कांग्रेस के 10वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आई.एम.सी.) के 10वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन दस तारीख तक चलेगा। इसमें दूरसंचार, डिजिटल कनेक्टिविटी और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में भारत की उल्लेखनीय प्रगति को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, यह सहयोग, निवेश और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए वैश्विक मंच उपलब्ध कराएगा। आई.एम.सी.-2026 का विषय है- ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज़’ यानी ‘सीमाओं से परे विस्तार’। यह डिजिटल नवाचार, अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी आधारित विकास में भारत की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है। इसका आयोजन संयुक्त रूप से दूरसंचार विभाग और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया कर रहे हैं।

आई.एम.सी.-2026 में नवाचार और अगली पीढ़ी के डिजिटल बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी आधारित आर्थिक विकास, समावेशी डिजिटल पहुंच और सुरक्षित तथा मजबूत डिजिटल तंत्र के विकास पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें दुनियाभर के प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रमुख नेता, नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, स्टार्टअप, निवेशक और नवप्रवर्तक डिजिटल क्षेत्र में उभरते अवसरों पर चर्चा करेंगे।

इस वर्ष का आयोजन 9 प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। इनमें 5-जी और 6-जी, अगली पीढ़ी के एआई नेटवर्क, सेमीकंडक्टर, गैर-स्थलीय नेटवर्क, साइबर सुरक्षा, क्वांटम संचार, उद्यम परिवर्तन, सर्कुलर इकोनॉमी और ई.एस.जी. तथा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण शामिल हैं। इसके अलावा स्मार्ट मोबिलिटी, स्टेडियम अनुभव, औद्योगिक रोबोटिक्स और परिवहन प्रौद्योगिकी चार नए क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। इस आयोजन में 100 से अधिक देशों से डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसमें 500 से अधिक साझेदार और प्रदर्शक, 600 स्टार्टअप तथा 900 विचारक और विशेषज्ञ भाग लेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस-2026 से पहले नई दिल्ली में सेवा तीर्थ में ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन  (जी.एस.एम.ए.) के बोर्ड सदस्यों के साथ भी बातचीत की। जी.एस.एम.ए. वैश्विक संगठन है, जो मोबाइल पारिस्थितिकी तंत्र को एकजुट करता है और मोबाइल ऑपरेटरों तथा इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है।

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी को समावेशी और सतत विकास का माध्यम बनना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के लिए प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं को किफायती और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विकासशील देशों के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) को बदलाव लाने वाली ताकत बताया।

डिजिटल और साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती चुनौती का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे निपटने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित समाधान जरूरी हैं। उन्होंने लोगों को संभावित फर्जी कॉल से सावधान करने के लिए लगातार जागरूकता संदेश जारी करने का सुझाव दिया।