स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता सुनिश्चित करना और स्वच्छता में सुधार करना है। साथ ही आम जनता में स्वच्छता और अपशिष्ट निपटान के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है। देश भर में कई केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी इस अभियान में भाग ले रहे हैं। स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान 17 सितम्बर से शुरू हुआ, जो 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस वर्ष के अभियान का विषय है – स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत। यह स्वच्छ और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सामूहिक भागीदारी और साझा जिम्मेदारी की भूमिका पर जोर देता है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने नई दिल्ली के कालिंदी कुंज घाट पर श्रमदान कार्यक्रम में भाग लिया। संवाददाताओं से बातचीत में श्री पाटिल ने कहा कि स्वच्छता और जल संरक्षण अविभाज्य है। उन्होंने नदियों को स्वच्छ रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि नदियों को कूड़ेदान की तरह इस्तेमाल करना और उनमें कचरा फेंकना जल प्रदूषण फैलाएगा और मानव जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।
विधि और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राजधानी के सफदरजंग मकबरे में आयोजित अभियान में भाग लिया। इस अवसर पर श्री मेघवाल ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि इसे प्रतिदिन की जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2014 से भारत में, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों सहित, स्वच्छता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राजधानी के पेशवा रोड नवयुग स्कूल में आयोजित स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता और साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया है।
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने भी दिल्ली में चलाए गए स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। इस अवसर पर श्री रेड्डी ने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे व्यवहार का हिस्सा होनी चाहिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी नई दिल्ली के गार्गी कॉलेज में स्वच्छता ही सेवा 2026 के अंतर्गत चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान में शामिल हुए। इस अभियान के दौरान उन्होंने खेल समुदाय के छात्रों सहित अन्य विद्यार्थियों से बातचीत की।
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि स्वच्छता एक सतत प्रक्रिया है और इसे हमारे दैनिक कार्य और चिंतन का अभिन्न अंग बनना चाहिए।
नागर विमानन मंत्री ने कहा कि देश भर के हवाई अड्डे भी स्वच्छता के प्रतीक के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वच्छता मिशन अब केवल शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर तक पहुंच रहा है।
कर्तव्य भवन के पास स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद-आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल तथा विभाग के अन्य अधिकारियों ने इस श्रमदान में हिस्सा लिया। इस अवसर पर डॉ. बहल ने स्वच्छता को एक निरंतर सामूहिक प्रयास बनाने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और नागरिकों को साफ़-सुथरा और स्वस्थ परिवेश बनाए रखने की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
मंत्रालय ने कहा कि यह स्वच्छता अभियान स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य जन-भागीदारी को मज़बूत करना और नागरिकों को देश भर में स्वच्छता प्रयासों में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह अभियान इस बात पर ज़ोर देता है कि स्थायी स्वच्छता न केवल एक संस्थागत ज़िम्मेदारी है, बल्कि एक साझा सामाजिक प्रतिबद्धता भी है, जिसके लिए समुदाय के स्तर पर निरंतर जन-भागीदारी और सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता है। मंत्रालय ने कहा कि साफ़-सुथरी, स्वस्थ सार्वजनिक स्थल बनाने के लिए निरंतर जागरूकता, ज़िम्मेदार कचरा प्रबंधन और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ज़रूरी है।
स्वच्छ भारत मिशन के ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के अंतर्गत आज पुडुचेरी के पोंडी मरीना बीच पर स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने स्वच्छता अभियान का उद्घाटन किया और कार्यक्रम में भाग लिया।