इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ‘ई-मुद्रा’ के पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर में सुरक्षा से जुड़ी एक घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। मंत्रालय ने कहा है कि उसने इस घटना को गंभीरता से लिया है। हालांकि, इसका भारतीय वेबसाइटों और ऐप पर बहुत सीमित असर पड़ा है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नियंत्रक प्रमाणन प्राधिकरण-सी.सी.ए. के नियमन के तहत आने वाले डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र और ई-साइन सेवाएं इस घटना से पूरी तरह अप्रभावित हैं।
मंत्रालय के अनुसार, ई-मुद्रा दो अलग-अलग क्षेत्रों में काम करती है। पहला, डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र और ई-साइन सेवाएं जारी करना। दूसरा, प्रमुख वेब ब्राउजर और ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा विश्वसनीय डिजिटल प्रमाणपत्र जारी करना, जिनका उपयोग वेबसाइटों, सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन संचार को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है।
मंत्रालय ने बताया कि दूसरे क्षेत्र का काम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होता है और यह वैश्विक विश्वसनीयता ढांचे के तहत संचालित होता है। इस पर अंतरराष्ट्रीय मानक लागू होते हैं और स्वतंत्र ऑडिट भी किए जाते हैं। इनमें बी.डी.ओ. इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा किए जाने वाले वेबट्रस्ट ऑडिट शामिल हैं।