मध्य प्रदेश में राज्य मंत्रिमंडल ने आज समान नागरिक संहिता – यूसीसी विधेयक के मसौदे को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल के जगदीशपुर में आयोजित बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। यह विधेयक कल से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी से राज्य में सभी को समान दर्जा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस कानून को लागू करने से पहले दो महीने तक जनता से प्रतिक्रिया ली गई, छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया और समाज के सभी वर्गों से राय ली गई। डॉ. यादव ने बताया कि कुल 9 लाख 58 हजार सुझाव प्राप्त हुए और 93 प्रतिशत से अधिक लोगों ने इस कानून का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि 80 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं और 40 प्रतिशत मुस्लिम पुरुषों ने भी समान कानून की मांग की है।
यूसीसी के प्रमुख प्रावधानों के तहत, राज्य में किसी व्यक्ति के एक से अधिक विवाह वैध नहीं होंगे। तलाक के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। महिलाओं और पुरुषों को समान वंशानुगत अधिकार प्राप्त होंगे। लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण एक महीने के भीतर अनिवार्य होगा। ग्राम स्तर तक विवाह पंजीकरण अनिवार्य होगा। आदिवासी समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से विधेयक का समर्थन करने की अपील की है।