मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसमें सदस्य देशों की सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय, रचनात्मक अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर चर्चा होगी। बैठक में संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने पर भी विचार किया जाएगा। बैठक के अंत में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा को अपनाया जाएगा। इसमें भविष्य में सांस्कृतिक सहयोग के लिए साझा दिशा और रोडमैप तय किया जाएगा।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों के लिए दोपहर के भोजन का आयोजन करेंगे। इसके बाद ये सभी सांची के लिए रवाना होंगे। वहां वे बौद्ध विरासत और प्राचीन स्थापत्य कला से परिचित होंगे। प्रतिनिधिमंडल ‘बुद्ध जंबूदीप’ और विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का भ्रमण करेगा। इसके साथ ही चेतियागिरी मंदिर में दर्शन और योग-ध्यान सत्र भी आयोजित किया जाएगा। शाम को बौद्ध इतिहास और कला पर आधारित 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो होगा।
विदेशी मेहमानों को मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी चखाया जाएगा। इनमें दाल-बाफले, निमोना, रिकमच, गुइया की सब्जी, चंबल का थोपा और मिलेट्स से बने कोदो-कुटकी के व्यंजन शामिल हैं। मेहमानों की पसंद को देखते हुए पश्चिमी और ओरिएंटल व्यंजन भी परोसे जाएंगे। वहीं, कल ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक से इतर केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इंडोनेशिया और दक्षिण अफ्रीका के संस्कृति मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में सांस्कृतिक विरासत, रचनात्मक उद्योग, कौशल विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने पर चर्चा हुई। इंडोनेशिया के साथ प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने पर भी विचार हुआ।