हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज मानेसर में पौधारोपण कर 77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इसके साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों में मंत्रियों, सांसदों , विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मु्ख्यमंत्री ने कहा कि मानेसर और गुरुग्राम की पहचान हरियाली, स्वच्छ हवा और प्रकृति से भी बनी रहे यह सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति अपना ऋण चुकाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि दुनिया आज पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है जबकि भारत में हजारों वर्ष पहले से प्रकृति की पूजा हो रही है। प्रकृति की रक्षा सनातन संस्कृति का मूल संस्कार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हम सब देशवासियों को एक पेड़ मां के नाम लगाने का भावपूर्ण मंत्र दिया है। राज्य सरकार इस अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में पंचायत और सार्वजनिक भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने का निर्णय लिया गया है। दुर्लभ तथा संकटग्रस्त वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने की योजना भी बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हर गाँव में प्राकृतिक ऑक्सीजन को बढ़ावा देने के लिए पंचवटी के नाम से पौधारोपण किया जा रहा है। वर्ष 2025 -26 के दौरान प्रदेश में कुल 1 करोड़ 52 लाख पौधे लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हरियाली बढ़ाने और पौधों की देखभाल में सक्रिय भूमिका निभा रहे 610 वन मित्रों का उल्लेख करते हुए हर नागरिक से अपने-अपने क्षेत्र में स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधा लगाने का आग्रह किया।