झारखंड सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध उत्पादन और बिक्री के बारे में सूचना देने वाले मुखबिरों और व्हिसलब्लोअर को प्रोत्साहन देने के लिए नई पुरस्कार नीति शुरू की है। सरकार की अधिसूचना के अनुसार स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम-1985 के अंतर्गत कार्रवाई में मदद करने वाले किसी व्यक्ति या सरकारी कर्मचारियों को उनके योगदान के महत्व, उसमें शामिल जोखिम और हासिल परिणाम के आधार पर नकद पुरस्कार दिये जायेंगे।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के प्रभाव से बचाने और मादक पदार्थों की अवैध आपूर्ति पर अंकुश लगाने के प्रयासों को मजबूत करना है। इस नीति के अंतर्गत मुखबिरों को प्रत्येक मामले में दो लाख रूपये या इससे अधिक का पुरस्कार दिया जायेगा जबकि सरकारी कर्मचारियों को उनकी सफल भूमिका के लिए एक लाख रुपए या इससे अधिक का पुरस्कार मिलेगा।