जम्मू-कश्मीर के जम्मू इलाके में कल बारिश से जुड़ी नई घटनाओं में एक महिला और उसके दो बच्चों सहित 11 लोगों की मौत हो गई। इससे पिछले तीन दिनों में मरने वालों की संख्या 23 हो गई है। अधिकारियों के अनुसार राजौरी और पुंछ जैसे बाढ़ प्रभावित जिलों में लगातार तेज बारिश के कारण बचाव और राहत कार्यों में बाधा आई और सात लोग लापता हो गए।
इस बीच, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने केंद्र शासित प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती जिलों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिवार को 6 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। एक अन्य घटना में जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रग्गी नाले के पास एक पहाड़ी से लुढ़ककर आए पत्थर के एक यात्री बस से टकरा जाने के कारण डोडा जिले में दो लोगों की मौत हो गई।
खतरे वाले इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना सहित आपातकालीन टीमें तैनात हैं और हाई अलर्ट पर हैं। मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक पूरे जम्मू-कश्मीर में मध्यम से तेज बारिश का अनुमान व्यक्त किया है। इस कारण जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और नदियों, झरनों, नालों और अन्य जल निकायों के पास जाने से बचने की सलाह जारी की है। मुख्यमंत्री ने सभी जिला प्रशासनों को निर्देश दिया है कि वे निगरानी को मजबूत करने और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए 24 जुलाई तक हर छह घंटे में स्थिति की रिपोर्ट सौंपें।