इराक ने मेसान प्रांत में सैन्य अभियानों के कमांडर को पद से हटा दिया है। साथ ही ईरान के साथ लगी शलामचेह सीमा चौकी को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है। सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन हमलों की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। इससे पहले सऊदी अरब ने कहा था कि ये हमले इराक की ओर से किए गए थे, लेकिन उसने जवाबी कार्रवाई की बजाय इराकी सरकार के प्रयासों को समर्थन का फैसला किया।
यमन में हूथी विद्रोहियों ने दावा किया है कि सऊदी अरब ने 48 घंटे के दौरान यमन में 100 से अधिक हवाई हमले किए। इस बीच, खबरों के अनुसार हूथी विद्रोहियों ने लाल सागर के तटवर्ती इलाकों में महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बढ़त हासिल कर ली है। इस मामले में कूटनीतिक स्तर पर भी बातचीत के संकेत मिले हैं। अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नहयान ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से मुलाकात की। संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों देशों के बीच यह उच्चतम स्तर की बैठक रही।
दोनों नेताओं ने तनाव कम करने, शांति स्थापित करने और क्षेत्रीय स्थिरता मजबूत करने के प्रयासों को समर्थन देने के महत्व पर जोर दिया। ख़बरों के अनुसार, ईरान और खाड़ी देश सोमवार को ओमान में क्षेत्रीय मुद्दों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर चर्चा के लिए बैठक कर सकते हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि सभी देश इसमें भाग लेंगे या नहीं।
जलमार्ग को तत्काल फिर से खोलने को लेकर किसी ठोस समझौते की भी फिलहाल उम्मीद नहीं है। इस बीच, हूथी के कब्ज़े और सऊदी पाइपलाइन पर हमले से पहले से बाधित क्षेत्रीय ऊर्जा और समुद्री परिवहन नेटवर्क पर दबाव और बढ़ गया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य और बाब-अल-मंदेब दोनों में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।