ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री, ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद इब्न अल-रेज़ा ने कहा है कि ईरान अपने विरोधियों की हर धमकी को गंभीरता से लेता है और इन धमकियों को अपनी सैन्य तैयारी तथा रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने के अवसर के रूप में देखता है। उनकी यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि कूटनीति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए अमरीका ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य कार्यवाई को फिलहाल टाल दिया है। श्री ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमरीका सैन्य कार्यवाई के लिए तैयार है लेकिन उसने बातचीत को और समय देने का फैसला किया है।
हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए कहा कि ईरान ने सैन्य कार्रवाई रोकने का कोई अनुरोध नहीं किया था और उनके बयान को झूठा बताया।
इससे पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करने की धमकी दी थी और चेतावनी दी थी कि अमरीकी हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक ईरान जहाजों पर हमले बंद नहीं कर देता और वार्ता के लिए तैयार नहीं होता है। अमरीका ने पश्चिम एशिया में अपने नागरिकों से सतर्क रहने और तनाव बढ़ने पर देश छोड़ने के लिए तैयार रहने का भी आग्रह किया है। इस बीच, ईरान ने कहा है कि अगर उस पर हमला होता है तो वह पश्चिम एशिया में स्थित प्रमुख इस्राएली बुनियादी ढांचे और अमरीकी ऊर्जा सुविधाओं पर हमला करने के लिए तैयार है।