विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जैव-ई3 नीति और जैव प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए भारत पादप और मानव जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में एक साथ प्रगति देख रहा है। केंद्रीय मंत्री ने आज नई दिल्ली स्थित ब्रिक-राष्ट्रीय पादप जीनोम अनुसंधान संस्थान में स्पीडसीड फेनोटाइपिंग एंड रिसोर्स ऑप्टिमाइजेशन फॉर यूनिफाइड ट्रेट एनालिसिस- एस.पी.आर.ओ.यू.टी सुविधा का उद्घाटन किया। डॉ. सिंह ने कहा कि आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी को ऐसी तकनीकों में परिवर्तित किया जाना चाहिए जो कृषि संबंधी वास्तविक चुनौतियों का समाधान कर सकें और किसानों को लाभ पहुंचा सकें।
डॉ. सिंह ने वैज्ञानिक संस्थानों और उद्योग भागीदारों, किसानों और अन्य हितधारकों के बीच मजबूत संवाद का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एस.पी.आर.ओ.यू.टी जैसी सुविधाएं दर्शाती हैं कि आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी जलवायु परिवर्तन के अनुकूल और उत्पादक फसलों के विकास में योगदान दे सकती है।