सितम्बर 18, 2026 9:24 अपराह्न

printer

भारत ने लाल सागर क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पर चिंता व्यक्त की

भारत ने लाल सागर क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
 
आज नई दिल्ली में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सऊदी अरब की संप्रभुता वाली धरती पर हुए हमलों की निंदा की, जिनमें नागरिकों और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाकर किए गए हमले भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मक्का पर हुए हमले के प्रयास के बाद भी भारत ने एक बयान जारी किया था। श्री जायसवाल ने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को कमजोर करते हैं। ये बाब अल-मंदाब से होकर गुजरने वाले नौवहन की स्वतंत्रता के लिए भी खतरा हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली की उम्मीद जताई।
 
पाकिस्तान नौसेना के एक पोत और एक भारतीय युद्धपोत के बीच हुई टक्कर के बारे में जायसवाल ने कहा कि भारत ने अपने विरोध पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का संज्ञान लिया है। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों और दुष्प्रचारों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया। श्री जायसवाल ने कहा कि पीएनएस हुनैन ने भारतीय नौसैनिक जहाज को खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश की। यह कार्रवाई भारत और पाकिस्तान के बीच 1991 में हुए उस समझौते का गंभीर उल्लंघन थी, जिसमें दोनों देशों ने सैन्य अभ्यास और अन्य सैन्य गतिविधियों की पहले से जानकारी एक-दूसरे को देने की व्यवस्था की है।
 
उन्होंने कहा कि इस प्रावधान के अंतर्गत समुद्र में नौसैनिक इकाइयों को एक-दूसरे से कम से कम तीन समुद्री मील की दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी पोत ने समुद्र में टक्करों की रोकथाम संबंधी अंतर्राष्ट्रीय नियमों का भी उल्लंघन किया। श्री जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को एक बार फिर सलाह दी गई है कि वह सुनिश्चित करे कि उसकी सैन्य इकाइयां उचित सावधानी बरतें और दोनों देशों के बीच हुए संबंधित समझौतों का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि आईएनएस कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और वह अभी भी समुद्र में है।