सितम्बर 15, 2026 9:08 अपराह्न | MEA

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विदेश मंत्रालय: चीन के साथ मुख्‍य चिंताओं को दूर करने में आपसी सम्मान और संवेदनशीलता मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नई दिल्‍ली में 18वें ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और चीन के राष्‍ट्रपति षी चिंनफिंग की बैठक के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रणधीर जायसवाल ने आज शाम नई दिल्‍ली में संवाददाताओं को बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री ने चीन के राष्‍ट्रपति को भारत की चिंताओं से अवगत कराया। उन्‍होंने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की मुख्‍य चिंताओं पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। श्री जायसवाल ने कहा कि इस तरह की चिंताओं को आपसी सम्‍मान, हित और संवेदनशीलता के तीन सिद्धांतों के आधार पर दूर किया जाना चाहिए।

ओमान के तट पर वाणिज्यिक जहाज एमटी ईएल गाइया पर हमले से संबंधित प्रश्‍न पर श्री जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जलपोतों, चालक दल के सदस्‍यों, आम नागरिकों और असैन्‍य बुनियादी ढांचे पर हमले भारत के लिए अस्‍वीकार्य हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत उस क्षेत्र में मुक्‍त और सुरक्षित नौवहन का आग्रह करता है। भारत का मानना है कि क्षेत्र में जल्‍द से जल्‍द अंतरराष्‍ट्रीय जलमार्गों के जरिए वाणिज्यिक जलपातों का आवागमन बहाल होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि ओमान के तट पर पनामा के ध्‍वज वाले जिस जहाज पर हमला किया गया उस पर चालक दल के 14 भारतीय नागरिक सवार थे। उनमें से 13 को बचा लिया गया है लेकिन एक भारतीय लापता है। श्री जायसवाल ने कहा कि ओमान के अधिकारियों की सहायता से खोजबीन और राहत कार्य जारी है तथा भारतीय दूतावास उनके निकट संपर्क में है।

जैश-ए-मोहम्‍मद के मुख्‍य सरगना मसूद अजहर पर 70 लाख पाकिस्‍तानी रुपए के ईनाम की पाकिस्‍तान की घोषणा पर श्री जायसवाल ने कहा कि आंख में धूल झोंकने के लिए इस तरह के प्रयास नये नहीं हैं और भारत ने पहले भी उसके इस तरह के प्रयास देखे हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि पाकिस्‍तान को इस तरह की घोषणाएं करने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

श्री जायसवाल ने कहा कि भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग द्विपक्षीय साझेदारी का महत्‍वपूर्ण स्‍तंभ है। उन्‍होंने कहा कि दोनों देश परमाणु क्षेत्र में भी लम्‍बे समय से सहयोग कर रहे हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि कुडनकुलम परियोजना ऊर्जा क्षेत्र में भारत-रूस सहयोग का सफल उदाहरण है। उन्‍होंने कहा कि भारत इस ऊर्जा सहयोग को रूस के साथ और आगे ले जाने का इच्‍छुक हे। श्री जायसवाल ने कहा कि दोनों देश इस बारे में बातचीत कर रहे हैं और तकनीकी दल चर्चा कर रहे हैं।

ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन से इतर विदेश मंत्री सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर और सऊदी अरब के विदेश मंत्री की बैठक के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। उन्‍होंने कहा कि इस दौरान हौसी विद्रोहियों के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श हुआ। सऊदी अरब पर हाल के हौसी हमले की भारत ने निंदा की। उन्‍होंने कहा कि भारत लाल सागर क्षेत्र में स्थिति बिगडने से बेहद चिंतित है।

भारत ने असैन्‍य बुनियादी ढांचे और आर्थिक परिसंपत्तियों सहित सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हमलों की निंदा की है। श्री जायसवाल ने कहा कि ऐसे हमलों से क्षेत्रीय स्थिरता और बाब अल मन्‍देब जलडमरूमध्‍य के जरिए स्‍वतंत्र नौवहन खतरे में पडता है। उन्‍होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई अस्‍वीकार्य है। श्री जायसवाल ने आशा व्‍यक्‍त की कि जल्‍द से जल्‍द क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो जाएगी। उन्‍होंने कहा कि भारत विश्‍व के उस क्षेत्र से ऊर्जा की आपूर्ति जारी रखे हुए है।