भारत और न्यूजीलैंड ने मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत द्विपक्षीय व्यापार को सुगम बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक ओरिजिन डेटा के आदान-प्रदान संबंधी सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दोनों देशों के बीच सीमा शुल्क सहयोग को मजबूत करने और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सहयोग ज्ञापन पर इस महीने की 19 तारीख को भारत के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी और न्यूजीलैंड सीमा शुल्क सेवा की कंप्ट्रोलर और मुख्य कार्यकारी क्रिस्टीन स्टीवेन्सन ने हस्ताक्षर किए।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता अधिक कुशल, सुरक्षित और पूर्वानुमान आधारित सीमा पार व्यापार के डिजिटलीकरण और सूचना के बेहतर साझाकरण का लाभ उठाने की दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वस्तुओं के व्यापार पर ओरिजिन डेटा के अग्रिम इलेक्ट्रॉनिक आदान-प्रदान से सीमा शुल्क सहयोग गहरा होगा और व्यापार सुगमता उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
मंत्रालय ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक डेटा एक्सचेंज से परिचालन दक्षता में सुधार होगा, सूचनाओं का अंतर कम होगा और द्विपक्षीय व्यापार में लगे व्यापारियों को अधिक निश्चितता मिलेगी। यह व्यवस्था भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत व्यापार प्राथमिकताओं के प्रभावी उपयोग का समर्थन करेगी। इससे योग्य व्यवसायों तक समझौते के लाभ अधिक तेजी और पारदर्शिता से पहुंच सकेंगे।