सितम्बर 14, 2026 6:34 अपराह्न

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भारत और मर्कोसुर ने तरजीही व्यापार समझौते के पहले अतिरिक्त प्रोटोकॉल पर किए हस्ताक्षर

भारत और मर्कोसुर ने तरजीही व्यापार समझौते के पहले अतिरिक्त प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए हैं। यह भारत और मर्कोसुर देशों के बीच कागज रहित व्यापार को बढ़ावा देने और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मर्कोसुर-दक्षिण अमरीका का प्रमुख आर्थिक और राजनीतिक व्यापार समूह है। इसमें अर्जेंटीना, ब्राजील, पराग्वे, उरुग्वे और बोलीविया सहित कई देश शामिल हैं।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि इससे डिजिटल और कागज रहित व्यापार दस्तावेजों की व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। मूल प्रमाण-पत्र जारी करने और उसके सत्यापन की लागत और समय कम होगा तथा व्यापार व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी।

इस प्रोटोकॉल पर वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल, भारत में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो गुआनी और पराग्वे के राजदूत फ्लेमिंग राउल डुआर्ते रामोस ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेतकिन भी उपस्थित थे। यह भारत और मर्कोसुर के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत तथा व्यापक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौते पर 25 जनवरी 2004 को हस्ताक्षर हुए थे और यह पहली जून, 2009 से लागू हुआ। इसके अंतर्गत भारत ने 450 और मर्कोसुर देशों ने 452 टैरिफ लाइनों पर तरजीही शुल्क की सुविधा दी है।