सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड – एचएएल ने आज बेंगलुरु में भारतीय वायु सेना को हल्के लड़ाकू विमान-तेजस और एचटीटी 40 प्रशिक्षण विमान सौंपे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू इस समारोह में उपस्थित थे। इस अवसर पर एचएएल ने भारतीय वायु सेना को दो हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) और तेजस इसके अलावा पवन हंस लिमिटेड को चार ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन हेलीकॉप्टर भी सौंपे। एचएएल ने भारतीय वायु सेना को पहला एचटीटी-40 भी सौंपा। रक्षा मंत्री ने विमान का नाम ‘अंकुर’ रखा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रमुख भूमिका निभाएगा।
श्री सिंह ने रक्षा और नागरिक उड्डयन प्रौद्योगिकी को स्वदेशी बनाने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड-एचएएल के प्रयासों की सराहना की। हालांकि, उन्होंने परियोजनाओं में देरी को चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि देरी से लागत बढ़ती है, प्रौद्योगिकी पुरानी हो सकती है और देश को आयात पर निर्भर होना पड़ सकता है।
रक्षा मंत्री ने युवा इंजीनियरों और डिजाइनरों से भविष्य की प्रौद्योगिकियां विकसित करने की चुनौती स्वीकार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी के बजाय साझेदार के रूप में मिलकर काम करना चाहिए।
श्री सिंह ने कहा कि देश के रक्षा उत्पादन और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रयासों के तहत एएमसीए पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान, एलसीए मार्क-2 और विमान इंजनों पर चल रहे कार्यों का भी उल्लेख किया।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि मेक इन इंडिया और इनोवेट इन इंडिया जैसी पहल से देश में मजबूत विनिर्माण व्यवस्था तैयार हो रही है। उन्होंने कहा कि इससे भारत ने सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में प्रगति की है और चिप से लेकर जहाज तक विभिन्न क्षमताएं विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
श्री नायडू ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एचएएल के प्रवेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन हेलीकॉप्टर उड़ान योजना के अंतर्गत संपर्क सुविधा बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि सारस, हंसा और डोर्नियर जैसे विमानों का उत्पादन भारत की नागरिक उड्डयन क्षमताओं को और मजबूत करेगा।
समारोह में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, एचएएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के. रवि तथा प्रमाणन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
सरकार ने वर्ष 2010 में 16 एलसीए लड़ाकू विमानों और चार दो सीटों वाले विमानों का ऑर्डर दिया था। एचएल की योजना वर्ष 2033-34 तक भारतीय वायु सेना को 29 एमके1ए विमान वितरित करने की है। ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन हेलीकॉप्टरों के शामिल होने से नागरिक उड्डयन क्षेत्र में इनका प्रवेश हो गया है। यह भारत का पहला स्वदेशी निर्मित नागरिक हेलीकॉप्टर है जो एएस-4 मानकों को पूरा करता है। यह इसे समुद्री अभियानों सहित नागरिक कार्यों के लिए उपयुक्त बनाता है।
एचटीटी-40, जिसका पूरा नाम हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर 40 है, स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया एक बुनियादी प्रशिक्षण विमान है। इसमें आधुनिक कॉकपिट और एवियोनिक्स सूट मौजूद हैं। एचएएल ने रक्षा मंत्रालय को 70 एचटीटी-40 विमानों की आपूर्ति का अनुबंध किया है।