सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को कार्यक्रमों के प्रसारण में एआई और इसके उपकरणों का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। चैनलों को भेजे एक पत्र में, मंत्रालय ने आग्रह किया है कि वे समाचार सामग्री की सटीकता, प्रामाणिकता या संवेदनशीलता से समझौता किए बिना केवल सहायक क्षमता के लिए ही एआई टूल्स का सीमित उपयोग करें। साथ ही, प्रसारण के दौरान प्रोग्राम कोड (प्रसारण संहिता) का कड़ाई से पालन किया जाए।
मंत्रालय ने प्रसारकों को अपने संपादकीय और विषय सामग्री के समीक्षा तंत्र को और मजबूत करने के लिए कहा है। चैनलों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि समाचार जुटाने, संपादन, प्रोडक्शन और प्रसारण से जुड़े सभी कर्मियों को प्रोग्राम कोड के प्रावधानों के प्रति पूरी तरह जागरूक किया जाए। इसके लिए संपादकीय और प्रोडक्शन टीमों के लिए नियमित अंतराल पर कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने को बढ़ावा दिया गया है।
परामर्श में विशेष रूप से कहा गया है कि अपराध और हिंसा से जुड़े दृश्यों का प्रसारण पूरी तरह सत्यापित तथ्यों और सच्चाई पर आधारित होना चाहिए, और इसकी रिपोर्टिंग संतुलित तथा जिम्मेदार तरीके से की जानी चाहिए। केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के अंतर्गत गठित अंतर-मंत्रालयी समिति ने पाया है कि कई टीवी चैनलों पर होने वाला प्रसारण, केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के अंतर्गत निर्धारित प्रोग्राम कोड की मूल भावना के अनुरूप नहीं है।
मंत्रालय ने सचेत किया है कि प्रोग्राम कोड का उल्लंघन करने पर केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।