विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों-एफपीआई ने मई में 32,963 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेच दिये हैं। लगातार तीन महीने से एफपीआई ने बिकवाली का दबाव कायम रखा है। इस साल अब तक भारतीय शेयर बाजार से एफपीआई की कुल बिकवाली दो लाख 24 हजार करोड रूपये को पार कर गई है।
विदेशी निवेशकों की इस निकासी के पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव का हाथ बताया जा रहा है, जिसकी वजह से तेल की कीमतें बढ़ गई है। इससे भारत के आयात खर्च और मुद्रास्फीति को लेकर आशंकाएं गहराने लगी हैं। हालांकि कच्चे तेल की कीमत इस हफ्ते 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है, लेकिन वैश्विक तनाव से पहले वाले स्तर के मुकाबले कच्चा तेल अब भी महंगा है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार एफपीआई ने मई में भारतीय ऋण बाजार से डेट जेनरल लिमिट वर्ग से 100 करोड़ रुपये निकाले हैं। ऋण बाजार के वीआरआर वर्गों से 1548 करोड़ रुपये निकाले। लेकिन एफएआर वर्गों में इस महीने 4,405 करोड़ रुपये की आवक दर्ज की गई।