असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार होने के साथ ही अधिकतर इलाकों में बाढ़ का पानी कम हो गया है। शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट और चराइदेव जैसे सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों में बनाए गए 109 राहत कैंपों में अभी 37 हजार से ज़्यादा लोग अभी भी शरण लिए हुए हैं। अकेले शिवसागर में 66 राहत कैंप हैं, जिनमें 30 हजार से ज़्यादा लोग रह रहे हैं। असम में बाढ़ के कारण अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी हैं।
सरकारी एजेंसियां इन ज़िलों में राहत सामग्री बांट रही हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि आज सुबह तक इस इलाके की सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही थीं, लेकिन गोलाघाट ज़िले के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ज़िला प्रशासन ने लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी है।
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जैसे-जैसे राज्य बाढ़ से उबर रहा है, प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल करने का काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।