सितम्बर 17, 2026 9:34 अपराह्न

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भूटानी नागरिकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय यूपीआई के दूसरे चरण का शुभारंभ किया

विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने भूटान के विकास और समृद्धि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने भूटान के प्रधानमंत्री छेरिंग तोबगे और विदेश मंत्री डी.एन. धुंग्येल के साथ भारत आने वाले भूटानी नागरिकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय यूपीआई के दूसरे चरण का शुभारंभ किया।

डॉ. जयशंकर भूटान के थिम्पु में दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भूटान में यूपीआई के उपयोग के साथ ही भारत और भूटान के बीच यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान कनेक्टिविटी पूर्ण हो गई है। उन्होंने भारतीय संस्थानों में भूटानी विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए नेहरू वांगचुक छात्रवृत्ति योजना के विस्तार पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी देखे। डॉ. जयशंकर ने इसे शिक्षा और क्षमता निर्माण में भारत-भूटान सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री तोबगे को भारत में निर्मित 54 इलेक्ट्रिक वाहन भी सौंपे। डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत भूटान के ई-मोबिलिटी और सतत परिवहन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का समर्थन कर रहा है। इससे पहले, डॉ. जयशंकर ने भूटान के प्रधानमंत्री से मुलाकात की और कहा कि वे भारत-भूटान के अनूठे मैत्री और सहयोग संबंधों के प्रति श्री तोबगे की भावनाओं का सम्मान करते हैं।

कल, डॉ. जयशंकर का उनके भूटानी समकक्ष डी एन धुंग्येल ने पारो शहर पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों मंत्रियों के बीच हुई वार्ता में विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, संस्कृति और जन-जन संबंधों में बहुआयामी सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने मोंगर में 65 बिस्तरों वाले ग्यालत्सुएन जेटसुन पेमा मातृ और शिशु अस्पताल सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। उन्होंने उत्तरी भूटान के गासा में 500 किलोवाट की लुनाना जलविद्युत परियोजना की आधारशिला भी रखी।