विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और यूनाइटेड किंगडम की विदेश सचिव यवेट कूपर ने कल नई दिल्ली में भारत-यूके विजन 2035 की समीक्षा के लिए पहली वार्षिक बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-यूके विजन 2035 के विकास, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा तथा शिक्षा के अंतर्गत हुई प्रगति की समीक्षा की।
दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के अवसरों का स्वागत किया है और इसके शीघ्र लागू होने की आशा व्यक्त की। साथ ही, ए.आई. और महत्वपूर्ण खनिजों सहित भारत-यूके प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के अंतर्गत विभिन्न पहलों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। रक्षा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में, उन्होंने दोनों देशों के प्रशिक्षण संस्थानों में सैन्य प्रशिक्षकों के आदान-प्रदान सहित नई प्रगति का स्वागत किया।
इसके साथ ही दोनों नेताओं ने हरित विकास पर भारत-यूके जलवायु वित्त पहल सहित भारत-यूके जलवायु साझेदारी के महत्व को भी स्वीकार किया। दोनों नेताओं ने पारस्परिक महत्व के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों और राष्ट्रमंडल सहित बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग के विषयों पर भी चर्चा की।
इस यात्रा के दौरान शिक्षा मंत्रालय ने लिवरपूल विश्वविद्यालय को बेंगलुरु परिसर खोलने के लिए स्वीकृति पत्र सौंप दिया। इसके अगले शैक्षणिक वर्ष से शुरू होने की आशा है। इसके साथ ही यात्रा के दौरान किंग्स कॉलेज लंदन और राष्ट्रीय समुद्री फाउंडेशन के बीच क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन का भी आदान-प्रदान किया गया।