आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा है कि भारत ने दुनिया को दिखाया है कि पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक विकास दो अलग-अलग रास्ते नहीं हैं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। नई दिल्ली में आज विश्व पर्यावास दिवस समारोह को संबोधित करते हुए श्री साहू ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने के संकल्प के साथ सरकार की प्राथमिकता शहरों और गांवों को हरित, स्वच्छ, सतत और रहने योग्य बनाना है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत ने अपनी नीतियों में मानव गरिमा के साथ पर्यावरण संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार ने केवल नीतियां और योजनाएं नहीं बनाईं, बल्कि उन्हें व्यापक जन आंदोलन का रूप दिया है।
श्री साहू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण के लिए जीवनशैली यानी लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट के वैश्विक संदेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस पहल ने आज वैश्विक पटल पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
विश्व पर्यावास दिवस हर वर्ष अक्टूबर के पहले सोमवार को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे शहरों की स्थिति और सभी लोगों के पर्याप्त आवास के बुनियादी अधिकार पर विचार करने के अवसर के रूप में मान्यता दी है। इस वर्ष की थीम है- “सभी के लिए पर्याप्त आवास”। इसका उद्देश्य इस अधिकार को वास्तविकता में बदलने के लिए नीतियों, साझेदारी और व्यावहारिक समाधानों पर ध्यान केंद्रित करना है।