उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश-जापान साझेदारी की सफलता का आकलन केवल अरबों रुपये के निवेश के आधार पर नहीं किया जाएगा। इसकी वास्तविक सफलता लाखों रोजगार, नई प्रौद्योगिकियों, वैश्विक उत्पादों और आने वाली पीढ़ियों के लिए साझा समृद्धि में दिखाई देगी।
श्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि जापान के पास औद्योगिक उत्कृष्टता की असाधारण विरासत है, जबकि उत्तर प्रदेश के पास युवा और ऊर्जावान कार्यबल है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को ऐसे कौशल और कार्य संस्कृति से लैस करना लक्ष्य है, जिनकी वैश्विक स्तर पर विशेषकर टोक्यो जैसे शहरों में मांग है।
श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डों और आधुनिक परिवहन बुनियादी ढांचे के विकास के साथ उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित की जा रही है। उन्होंने जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने और कारोबार स्थापित करने का आमंत्रण दिया।
श्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि इन्वेस्ट यूपी में जापान के यामानाशी प्रांत के लिए विशेष डेस्क स्थापित किया जाएगा, जो यामानाशी सरकार, स्थानीय उद्योगों और निवेशकों के साथ लगातार समन्वय करेगा। दोनों पक्ष हर 90 दिन में निवेश परियोजनाओं, उद्योगों की जरूरतों, मंजूरियों और चुनौतियों से जुड़ी जानकारी की समीक्षा करेंगे। इससे समझौता ज्ञापन के क्रियान्वयन से वास्तविक निवेश तक की पूरी प्रक्रिया में तेजी आएगी।मुख्यमंत्री ने यामानाशी के गवर्नर को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए वहां की एमएसएमई कंपनियों के लिए 600 करोड़ रुपये का कोष घोषित करने पर धन्यवाद दिया।
श्री योगी आदित्यनाथने भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची के साथ भी बैठक की। इसमें जापान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की सेमीकंडक्टर समिति की बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की भागीदारी की संभावना पर भी चर्चा हुई। जापानी पक्ष ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश और अवसरों की संभावनाएं तलाशने के लिए उत्तर प्रदेश में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की इच्छा जताई।