रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी पाकिस्तानी नौसेना को उसके बंदरगाहों तक ही सीमित रहने के लिए विवश कर दिया था। लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका के उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान पर दबाव बनाने में नौसेना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह शौर्य वाटिका खुला नौसेना संग्रहालय है।
श्री सिंह ने बताया कि नौसेना को दुश्मन पर निरन्तर दबाव बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी और ताकत के साथ अरब सागर में तैनात किया गया था। इसके फलस्वरूप पाकिस्तान की पूरी नौसेना उसके बंदरगाहों में ही सिमट कर रह गई। पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए पिछले वर्ष 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। इस दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान में और उसके कब्जे वाले कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों पर अचूक हमले किए थे।
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना ने युद्ध के लिए तत्परता, सैन्य संचालन तथा प्रतिरोधी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उत्तरी अरब सागर में विमानवाहक युद्धपोत और अग्रणी बलों की तत्काल तैनाती से पाकिस्तानी नौसेना हार्बर या मकरान तट तक ही सिमट कर रह गई थी। एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तीनों सेनाओं का तालमेल अत्यधिक महत्वपूर्ण था। इससे संयुक्त संचालन क्षमता के बढ़ते महत्व की पुष्टि हुई। पहलगाम आतंकी हमले के बाद अग्रिम चौकियों पर नौसेना को तत्काल तैनात किया गया। इस दौरान पनडुब्बियों, युद्धपोतों और लगभग पूरे विमान बेडे को पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार किया गया था, ताकि पाकिस्तान पर निरन्तर दबाव बनाया जा सके।