अगस्त 21, 2026 3:59 अपराह्न

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विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 18वें सीआईआई ग्लोबल मेडटेक समिट को संबोधित किया

विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि भारत के पास स्वास्थ्य सेवा को उन्नत बनाने का एक अनूठा अवसर है, साथ ही यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि तकनीकी उपलब्धियां सुलभ, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली हों। 18वें सीआईआई ग्लोबल मेडटेक समिट को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि भारत का चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र, जिसका वर्तमान अनुमान लगभग 12 अरब अमरीकी डॉलर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की प्राथमिकता वैश्विक स्वास्थ्य सेवा बाजारों के लिए प्रौद्योगिकियों को डिजाइन, विकसित, निर्मित और निर्यात करना होना चाहिए।

श्री सिंह ने विज्ञान, उद्योग, स्वास्थ्य संस्थानों और बाजार के बीच सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अनुसंधान को प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वास्तविक दुनिया की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के लिए ठोस समाधानों में परिवर्तित होना चाहिए।

श्री सिंह ने कहा कि सरकार की अनुसंधान, विकास और नवाचार योजना, जिसके लिए एक लाख करोड़ रुपये का कोष आवंटित किया गया है, का उद्देश्य उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान और नवाचार में निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने उत्पादन-संबंधित प्रोत्साहन योजना और चिकित्सा उपकरण पार्कों के माध्यम से घरेलू चिकित्सा उपकरण विनिर्माण को मजबूत करने के लिए सरकार के प्रयासों का भी उल्‍लेख किया। उन्होंने कहा कि सितंबर 2025 तक चिकित्सा उपकरण पी.एल.आई. योजना के अंतर्गत कुल बिक्री लगभग 12 हजार 344 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, जिसमें लगभग 5 हजार 869 करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है।