अक्टूबर 4, 2026 7:17 पूर्वाह्न

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बदलते भू-राजनीतिक, तकनीकी और आर्थिक माहौल के अनुरूप नियामक व्यवस्था में भी बदलाव की जरूरी: राजीव गौबा

नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने तेजी से बदलते भू-राजनीतिक, तकनीकी और आर्थिक माहौल के अनुरूप नियामक व्यवस्था में भी बदलाव की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि नीति-निर्माताओं के सामने चुनौती नियमन और आर्थिक विकास में से किसी एक को चुनने की नहीं है, बल्कि ऐसे नियम विकसित करने की है, जो जोखिमों का प्रबंधन करने के साथ-साथ नवाचार, प्रतिस्पर्धा और निवेश को बढ़ावा दे।
 
श्री गौबा ने यह बात कल नई दिल्ली में पांचवें कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन के दौरान ‘विघटन के दौर में नियामक निगरानी’ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि नियम बनाते समय संतुलित और जरूरत के मुताबिक दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। श्री गौबा ने अलग-अलग नियामक संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे एक ही काम के लिए बार-बार नियम बनने से बचा जा सकेगा और नियमों में मौजूद कमियों को दूर किया जा सकेगा।