केंद्र सरकार ने घुसपैठ और अन्य कारणों से होने वाले जनसांख्यिकीय बदलाव की चुनौतियों से निपटने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इस समिति की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश, प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर करेंगे। जनगणना आयुक्त के साथ-साथ पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व आर्इ्रपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री डॉ. शमिका रवि को इस समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है। गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव इस समिति में सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल लाल किले से दिए गए अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में जनसांख्यिकीय बदलाव पर उच्च-स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की थी।
श्री अमित शाह ने कहा कि घुसपैठ और अन्य कारणों से अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहा है, जो किसी भी राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकीय बदलाव एक गंभीर मुद्दा है, जो न केवल देश की संप्रभुता से जुड़ा है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, सामाजिक संरचना में होने वाले गहरे बदलावों और जनजातीय समाज के संरक्षण से भी संबंधित है। गृह मंत्री ने कहा कि यह समिति अवैध प्रवासन और अन्य अस्वाभाविक कारणों से पूरे भारत में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का व्यापक मूल्यांकन करेगी। यह धार्मिक तथा सामाजिक समुदायों के स्तर पर होने वाले असामान्य जनसंख्या बदलावों के पैटर्न का भी विश्लेषण करेगी और इसके लिए एक सुनियोजित तथा समय-सीमा के भीतर लागू होने वाला समाधान प्रस्तुत करेगी।