18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए कई देशों के नेता और वरिष्ठ अधिकारी नई दिल्ली पहुँचे हैं। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, आसियान के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर राष्ट्रीय राजधानी पहुँचे। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और आसियान के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें व्यापार, समुद्री सुरक्षा और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में संपर्क (कनेक्टिविटी) पर सहयोग मुख्य है।
बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्टे नदयिशिमिये ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ का प्रतिनिधित्व करने के लिए पहुँचे हैं।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन, मिस्र के राष्ट्रपति अबदुल फताह अस्सीसी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री आबी अहमद अली भी नई दिल्ली पहुँचे हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये दौरे इन देशों के साथ भारत की करीबी साझेदारी और ‘ग्लोबल साउथ’ में साझा प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।
अबू धाबी के युवराज शेख खालेद-बिन-मोहम्मद-बिन-ज़ायद अल नहयान और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भी शिखर सम्मेलन के लिए भारत में हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनके दौरे से संयुक्त अरब अमीरात और मलेशिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने का मौका मिलेगा, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।
क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पारिला और नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा भी इस बैठक में शामिल हो रहे हैं।
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस और डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक डॉ. न्गोज़ी ओकोन्जो-इवेला समेत कई वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय अधिकारी भी नई दिल्ली पहुँचे हैं।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो कल रात राजधानी पहुंचे। हवाई अड्डे पर कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने उनका स्वागत किया।
बुरुंडी के राष्ट्रपति एवेरिस्ते नदायिशिमिये अफ्रीकी संघ का प्रतिनिधित्व करने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं। हवाई अड्डे पर भारी उद्योग और इस्पात राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने उनका स्वागत किया। उनकी यात्रा ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में भारत और अफ्रीकी संघ के बीच सहयोग के लिए महत्वपूर्ण है।
अबू धाबी के युवराज शेख़ ख़ालेद बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भी भारत पहुंच चुके हैं। हवाई अड्डे पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि युवराज की यात्रा से भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा। इसमें व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच लंबे समय से घनिष्ठ संबंध हैं और व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रक्षा तथा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
मिस्र के राष्ट्रपति अबदुल फताह अस्सीसी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री आबी अहमद अली भी कल शाम नई दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उनका स्वागत किया। भारत और मिस्र के बीच गहरे मैत्री संबंध हैं, जबकि भारत और इथियोपिया रणनीतिक साझेदार हैं और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर का हवाई अड्डे पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने स्वागत किया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन भी कल शाम नई दिल्ली पहुंचे। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और ईरान के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स साझेदार के रूप में दोनों देश साझा प्रगति और समृद्धि के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्सी ओवरचुक और थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री तथा विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ भी कल शाम नई दिल्ली पहुंचे।
नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेटिमा नई दिल्ली पहुंच गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और नाइजीरिया के बीच लंबे समय से घनिष्ठ संबंध हैं। उन्होंने कहा कि नाइजीरियाई उपराष्ट्रपति की यात्रा से दोनों देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी और मजबूत होगी।
ब्रिक्स के सदस्य देशों में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ब्रिक्स के साझेदार देशों में बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाखस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनियाभर के नेता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली में एकत्र हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस उच्चस्तरीय बैठक में विश्व कल्याण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।