ब्रिक्स व्यापार फोरम का नेतृत्व सत्र नई दिल्ली के भारत मंडपम में जारी है। इस सत्र में ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भाग ले रहे हैं। अपने संबोधन में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच अधिक संतुलित व्यापार हासिल करने और ब्लॉक में सेवाओं के व्यापार के विस्तार की संभावनाओं का पता लगाने संबंधी एक स्पष्ट उद्देश्य से प्रेरित रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों से निर्यात 2003 में लगभग 900 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 में 6 ट्रिलियन डॉलर हो गया है, जो इसके बाजार के आकार और क्षमता को दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि यह सहयोग उन देशों तक पहुंचे जो ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं की रीढ़ हैं। श्री गोयल ने कहा कि इससे किसानों को लाभ होना चाहिए, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहिए और युवा उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को धन और समृद्धि के अधिक अवसर प्रदान करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों और साझेदार देशों के 2000 से अधिक व्यापारिक नेताओं और प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ, यह अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स व्यापार मंच है। उन्होंने बताया कि इस मंच ने गैर-शुल्क बाधाओं, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं पर असर, कृषि और कृषि-प्रौद्योगिकी, सेवा व्यापार, महिला नेतृत्व वाले उद्यमों और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर विमर्श किया।