अक्टूबर 1, 2026 1:47 अपराह्न

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जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन अधिनियम आज से लागू, देरी रोकने और समय पर पंजीकरण को बढ़ावा देने पर जोर

जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम आज से प्रभावी हो गया है। इस अधिनियम ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संशोधन किया है। इस अधिनियम का उद्देश्य जन्म और मृत्यु के पंजीकरण में होने वाली देरी को रोकना और लोगों को समय पर पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित करना है।  अधिनियम में प्रावधान है कि यदि किसी जन्म या मृत्यु की सूचना रजिस्ट्रार को एक वर्ष से अधिक लेकिन दो वर्ष के भीतर दी जाती है, तो उसका पंजीकरण केवल जिला मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की स्वीकृति से ही किया जा सकता है।