जुलाई 23, 2026 8:50 अपराह्न | detection of oral cancer

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भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय ने मुख कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए एआई आधारित तकनीक विकसित की

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय ने मुख कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस -एआई आधारित नई तकनीक विकसित की है। इस तकनीक के डिज़ाइन को भारत सरकार ने पेटेंट प्रदान किया है। महाविद्यालय के डेंटल सर्जरी विभाग ने इसके साथ ‘मुख आरोग्य’ नाम का एआई आधारित मोबाइल ऐप भी तैयार किया है।

    यह ऐप शुरुआती स्तर पर मुख कैंसर की स्क्रीनिंग में मदद करेगा। इसका उपयोग आशा कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्यकर्मी कर सकेंगे। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को इसका विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।

    शुरुआती लक्षण मिलने पर मरीजों को तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास भेजा जा सकेगा। इससे समय पर इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी और गंभीर मामलों में कमी आने की संभावना है। भारत में हर साल करीब डेढ़ लाख नए मुख कैंसर के मामले सामने आते हैं। ऐसे में समय रहते बीमारी की पहचान स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी चुनौती रही है।

    डेंटल सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज भार्गव ने बताया कि इस तकनीक का उद्देश्य मरीजों तक शुरुआती अवस्था में पहुंचना है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान होने पर इलाज अधिक प्रभावी और कम खर्चीला हो सकता है। इस परियोजना के विकास में डॉ. ऋचा शर्मा और डॉ. अनिमेष बरोड़िया ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।