दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान -एम्स की चार-सदस्यों की मेडिकल टीम ने आज भोपाल में पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा के कथित दहेज हत्या मामले में दूसरा पोस्टमार्टम किया। यह पोस्टमार्टम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगभग तीन घंटे तक चला। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया और भोपाल के भदभदा श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
उनके परिवार ने मेडिकल टीम से अनुरोध किया था कि वे एक बहु-विषयक फोरेंसिक, पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल दृष्टिकोण अपनाएं और उनकी उन चिंताओं की स्वतंत्र रूप से जांच करें जिनके बारे में उनका दावा था कि भोपाल में किए गए पहले पोस्टमार्टम के दौरान उन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था।
33 वर्षीय ट्विशा की 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जहाँ एक तरफ़ उसके ससुराल वालों ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है, वहीं ट्विशा के परिवार ने पति और ससुराल वालों पर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया है।
इस बीच, सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में एक पीठ कल इस मामले की सुनवाई करेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस मामले की जाच सीबीआई को सौंपने पर सहमति जताई है।
पुलिस ने ट्विशा के पति और पेशे से वकील समर्थ सिंह और सास तथा पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। समर्थ को शुक्रवार को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया। वह पिछले दस दिनों से फरार था। भोपाल की एक अदालत ने कल समर्थ को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।