आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद – सीसीआरएएस ने आज आयुष क्षेत्र के लिए गुणवत्ता मानकों, अनुरूपता मूल्यांकन, वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण को संयुक्त रूप से बढ़ावा देने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो – बीआईएस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते का उद्देश्य आयुर्वेद के लिए वैश्विक स्तर पर मानकीकृत गुणवत्ता मानक स्थापित करना है। इससे सुरक्षित, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत आयुर्वेदिक उत्पादों, पद्धतियों और अनुसंधान का मार्ग प्रशस्त होगा।
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि सीसीआरएएस और बीआईएस के बीच यह साझेदारी विज्ञान-आधारित मानक तैयार करने की दिशा में परिवर्तनकारी कदम है। इससे आयुर्वेद में जनता का विश्वास और मजबूत होगा तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।