विश्व स्वास्थ्य संगठन-डब्ल्यूएचओ की दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय समिति का 79वां सत्र आज संपन्न हो गया। सदस्य देशों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं में समानता से संबंधित दिली घोषणापत्र को अपनाया। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में समानता बढ़ाने, स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और सभी के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य पहुंच की दिशा में प्रगति तेज करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। चार दिन की इस बैठक में दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रियों, वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सदस्य देशों ने चिकित्सा उपकरण, जांच और सहायक तकनीक, स्वास्थ्य संस्थानों की आपदा से निपटने की क्षमता, मरीजों और रक्त की सुरक्षा, टिकाऊ स्वास्थ्य वित्त पोषण तथा तपेदिक यानी टीबी को समाप्त करने से संबंधित प्रस्ताव भी अपनाए। खसरा और रूबेला के उन्मूलन के लिए टीकों के प्रति विश्वास और टीकाकरण बढ़ाने पर भी बल दिया गया।
क्षेत्रीय स्तर पर वायरल हेपेटाइटिस, एचआईवी और यौन संचारित संक्रमणों से जुड़ी कार्ययोजना को 2030 तक बढ़ाया गया है। इसके अलावा, डिजिटल स्वास्थ्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग मजबूत करने पर भी सहमति बनी।