अगस्त 29, 2026 5:27 अपराह्न

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कैप्टिव सौर ऊर्जा से पूरी की जाएगी दिल्‍ली, मेरठ नमो भारत कोरिडोर की 60 प्रतिशत ऊर्जा खपत

दिल्‍ली, मेरठ नमो भारत कोरिडोर की लगभग 60 प्रतिशत बिजली की ज़रूरत को अब कैप्टिव सौर ऊर्जा से पूरा किया जाएगा। इसके लिए राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने एनएनआरएल-एनआईआरएल एनसीआरटीसी रिन्‍यूबल्‍स लिमिटेड के साथ 110 मेगावॉट के कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए बिजली खरीद समझौते पर हस्‍ताक्षर किये हैं।

इस सौर संयंत्र का विकास एनएनआरएल द्वारा उत्तर प्रदेश के जालौन में किया जाएगा। संयंत्र में उत्‍पन्‍न बिजली उत्तर प्रदेश राज्‍य ग्रीड के माध्‍यम से दिल्‍ली और उत्तर प्रदेश में स्थित एनसीआरटीसी के रिसिव सबस्‍टेशनों पर पहुंचाई जाएगी। एनसीआरटीसी ने बताया कि इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 450 करोड़ रुपये है। संयंत्र से मिलने वाली बिजली से नमों भारत कोरिडोर बिजली खर्च में लगभग 25 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है।

इस परियोजना से हर वर्ष लगभग 1 लाख 77 हजार टन कार्बन डाईऑक्‍साइड उत्‍सजर्न में कमी आने की संभावना है। यह परियोजना ऊर्जा लागत को कम करने के साथ-साथ दीर्घकालि‍क ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। यह पहल भविष्‍य के उन शहरी और क्षेत्रिय ट्राजिंट नेटवर्क के लिए एक मॉडल का काम करेगी। एनसीआरटीसी ने बताया कि वर्तमान में इस कोरिडोर पर लगभग 1 लाख यात्री प्रतिदिन सफर कर रहे हैं।