सितम्बर 12, 2026 3:26 अपराह्न

printer

नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत

नई दिल्ली में अठारहवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो गई है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में विश्व नेताओं का स्वागत किया। इस अवसर पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। स्वागत समारोह की पृष्ठभूमि में तमिलनाडु के रामेश्वरम स्थित प्रसिद्ध रामनाथस्वामी मंदिर की भव्य छवि दिखाई गई।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ग्यारह सदस्य देशों और दस साझेदार देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान वैश्विक शासन व्यवस्था, बहुपक्षवाद, व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत, ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। इस वर्ष की अध्यक्षता का विषय है- लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण।

शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फताह अस्सीसी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन समेत कई प्रमुख नेता हिस्सा ले रहे हैं। ब्रिक्स के ग्यारह सदस्य देशों में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल है।

वहीं, दस साझेदार देशों में बेलारूस, बोलीविया, कज़ाखस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज़्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। दो दिनों तक चलने वाले इस शिखर सम्मेलन में वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं, आर्थिक सहयोग और बदलती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।