नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12वां ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों का सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन सदस्य देशों के मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों के लिए सार्थक चर्चा करने, आम सहमति बनाने और पर्यावरण सहयोग को मजबूत करने का एक मंच प्रदान किया। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव इस सम्मेलन की अध्यक्षता की। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 का विषय है ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’।
बैठक को संबोधित करते हुए श्री यादव ने मानवता को प्राथमिकता देते हुए एक सतत पृथ्वी के निर्माण की दिशा में नीति, प्रौद्योगिकी और जनभागीदारी को समन्वित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने 2005 और 2022 के बीच प्रदूषण उत्सर्जन की तीव्रता में 37 प्रतिशत से अधिक की कमी लाई है। श्री यादव ने इस बात का उल्लेख किया कि भारत की कुल विद्युत क्षमता का आधे से अधिक हिस्सा अब स्वच्छ स्रोतों से प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के रूप में, भारत एक खुले, रचनात्मक और सर्वसम्मति-आधारित संवाद को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी सदस्य देशों के दृष्टिकोण और योगदान को बहुत महत्व देता है।
श्री यादव ने ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ ब्रिक्स पर्यावरण कार्य समूह द्वारा तैयार किए गए चार ज्ञान संकलनों का अनावरण किया। ये दस्तावेज ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच अग्रणी प्रथाओं, ज्ञान प्रणालियों और नवाचारों को दर्शाते हैं। ये संकलन ब्रिक्स पर्यावरण कार्य समूह में किए गए रचनात्मक और सार्थक विचार-विमर्श का परिणाम हैं।