पश्चिम बंगाल सरकार ने आज राज्य विधानसभा में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक – सीएजी की 28 लंबित रिपोर्टें पेश कीं। इन लंबित रिपोर्ट को पेश करके पश्चिम बंगाल सरकार ने अपना किया गया वादा पूरा किया। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने ये रिपोर्टें पेश कीं।
ये रिपोर्ट पिछली सरकार के कार्यकाल में लंबित रह गई थीं। उन्होंने घोषणा की कि इन रिपोर्टों के निष्कर्षों पर विस्तृत चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि ये रिपोर्टें राज्य की वित्तीय स्थिति की सही तस्वीर पेश करेंगी और राज्य के 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय घाटे के कारणों को स्पष्ट करेंगी।
ये रिपोर्टें राज्य के वित्त खातों, पंचायती राज संस्थाओं, सरकारी उपक्रमों, स्वास्थ्य अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाओं, आदिवासी क्षेत्रों में भूमि प्रबंधन, समग्र शिक्षा कार्यक्रम के कार्यान्वयन, एकीकृत बाल विकास सेवाओं, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, विनियोग खातों और कई प्रदर्शन लेखापरीक्षा रिपोर्टों सहित विभिन्न क्षेत्रों को सम्मिलित करती हैं।