दिल्ली सरकार ने बताया कि राजधानी के ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल पर अब तक लगभग दो करोड़ मीट्रिक टन से अधिक कचरे का प्रसंस्करण कर सौ एकड़ भूमि रिक्लेम किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वैज्ञानिक और समयबद्ध रोडमैप के माध्यम से वर्षों पुरानी समस्या को खत्म करने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल मौजूदा कूड़े के पहाड़ों को हटाने पर ध्यान नहीं दे रही है, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो इस पर भी काम कर रही है।
श्रीमती गुप्ता ने बताया कि गाजीपुर से निकले इनर्ट मटेरियल का इस्तेमाल सड़कों के बेस और निचले इलाकों के भराव में किया जा रहा है। सरकार ने भविष्य में नए कूड़े के पहाड़ बनने से रोकने के लिए चार नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट तैयार करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा कूड़े के पहाड़ों को हटाने के साथ-साथ भविष्य में कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल कचरा हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव लाना है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली में रोज पैदा होने वाले कचरे का रोजाना वैज्ञानिक प्रसंस्करण सुनिश्चित किया जाए।