दिल्ली की एक अदालत ने आज कांग्रेस नेता अलका लांबा को वर्ष 2024 में जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला करने से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराया।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने लांबा को दोषी करार देते हुए उनकी सज़ा पर दलीलें सुनने के लिए 5 जून की तारीख तय की है।
अभियोजन पक्ष ने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष लांबा पर 29 जुलाई, 2024 को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस के काम में बाधा डालने और एक सार्वजनिक सड़क को अवरुद्ध करने का आरोप लगाया था।