अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान- एम्स की मीडिया प्रभारी और प्रोफेसर डॉ. रीमा दादा ने कहा है कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाकर एक समग्र समाधान प्रदान करता है। अकाशवाणी से विशेष बातचीत में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के विषय, स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग पर उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि विश्व में बुजुर्ग आबादी में वृद्धि हो रही है, जिससे स्वस्थ वृद्धावस्था एक महत्वपूर्ण जन स्वास्थ्य प्राथमिकता बन गई है।
डॉ. रीमा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायामों का समूह नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवनशैली है। उन्होंने कहा कि शोध अध्ययनों से पता चला है कि नियमित योग अभ्यास से उम्र बढ़ने के जैविक लक्षणों में कमी, कोशिकीय स्वास्थ्य में सुधार और जीवन की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने सभी उम्र के लोगों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ और आत्मनिर्भर वृद्धावस्था के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।