पश्चिम बंगाल सरकार ने पुलिस आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए अपने अधिकार का दुरुपयोग करने और आम जनता को परेशान करने के आरोप में एक आईपीएस अधिकारी सहित पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। आज विधानसभा में इस फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने सदन को सूचित किया कि एएसआई मोअज्जेम हुसैन को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है। यह घटना एक किशोरी के साथ हुई यातना और हत्या से संबंधित है।
उप-निरीक्षक साधन दास और बुरटोला पुलिस स्टेशन के तत्कालीन थाना प्रभारी सुबर्नो दत्ता चौधरी को दिवंगत पूर्व आईपीएस अधिकारी पंकज दत्ता के उत्पीड़न में कथित संलिप्तता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
नदिया जिले के कृष्णानगर कस्बे में जगतधात्री पूजा प्रतिमा विसर्जन जुलूस में लाठीचार्ज में कथित संलिप्तता के आरोप में इंस्पेक्टर अमरेंद्र बिस्वास को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया गया है। दूसरी ओर, सुंदरबन के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, कोटेश्वर राव को पिछले वर्ष दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप में देवी काली की मूर्ति का अपमान करने में कथित संलिप्तता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।