जून 27, 2026 7:05 अपराह्न | developed India

printer

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन: विकसित भारत के लक्ष्य का सबसे सशक्त स्तंभ है एमएसएमई क्षेत्र

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम-एमएसएमई क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आज नई दिल्ली में एमएसएमई दिवस- उद्यमी भारत कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत में यह क्षेत्र पहली पीढ़ी के उद्यमियों के साहस और उद्यमशीलता का प्रतीक है। उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि यह क्षेत्र देश के कुल निर्यात में लगभग 50 प्रतिशत योगदान करता है और उच्‍च गुणवत्‍ता के मानक बनाए हुए है। उन्‍होंने कहा कि एम एस एम ई क्षेत्र भारत को 2047 तक विकसित राष्‍ट्र बनाने के लक्ष्‍य में सबसे सशक्‍त स्‍तंभ बन गया है।

उपराष्‍ट्रपति ने एम एस एम ई मंत्रालय से इस क्षेत्र के सभी उद्यमों के पंजीकरण को प्रोत्‍साहन देने का आग्रह किया। श्री राधाकृष्‍णन ने कहा कि बेहतर पंजीकरण से आंकड़ों की गुणवत्‍ता में सुधार होगा और इस क्षेत्र की वास्‍तविक आवश्‍यकताओं पर आधारित अधिक प्रभावी नीति तैयार की जा सकेगी।

श्री राधाकृष्‍णन ने कहा कि वर्तमान वैश्विक कारोबारी परिदृश्‍य में कम लागत के उत्‍पाद आवश्‍यक है। उन्‍होंने कहा कि कारोबारियों को हमेशा गुणवत्‍ता के साथ कोई समझौता किए बिना कम लागत के उत्‍पाद तैयार करने पर ध्‍यान देना चाहिए। उन्‍होंने उद्यमियों से उत्‍पादकता, उत्‍पादन और गुणवत्‍ता बढाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाने का आग्रह किया। इस वर्ष संयुक्‍त राष्‍ट्र की थीम – एआई निर्देशित भविष्‍य में मानव केन्द्रित उद्यमिता का हवाला देते हुए उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि प्रौद्योगिकी में परिवर्तन को खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।

इस अवसर पर केंद्रीय एम एस एम ई मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि केन्‍द्रीय बजट से एम एस एम ई क्षेत्र के लिए सरकार की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता का पता चलता है। उन्‍होंने कहा कि सरकार ऐसी पारिस्थितिकी तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां प्रत्‍येक उद्यमी को नवाचार, वृद्धि और राष्‍ट्र निर्माण में योगदान के बराबर अवसर मिलें। श्री मांझी ने कहा कि भारत इस क्षेत्र को औपचारिक रूप देने, डिजिटल सशक्तिकरण, वित्‍त के लिए आसान पहुंच, मजबूत बाजार संपर्क, प्रौद्योगिकी अनुकूलन और नवाचार आधरित वृद्धि पर ध्‍यान दे रहा है।

इस अवसर पर उपराष्‍ट्रपति ने देश में एम एस एम ई को सशक्‍त बनाने के उद्देश्‍य से क्रांतिकारी डिजिटल प्‍लटफॉर्म, पोर्टल और प्रकाशनों का भी विमोचन किया। इनमें पी एम ई जी पी 2.0 पोर्टल, समाधान-2.0 पोर्टल, पीएमएस पोर्टल, एमएसएमई ग्‍लोबल मार्ट-2.0 पोर्टल, एमएमएमई टेस्टिंग पोर्टल और एमएसएमई आइडिया हैकाथॉन-6.0 शामिल हैं।