अगस्त 6, 2026 7:47 अपराह्न | PoJK

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पीओजेके में मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी

पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले जम्‍मू-कश्‍मीर – पीओजेके में पाकिस्‍तानी सुरक्षाबलों की कार्रवाई से मानवाधिकारों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले एक दशक में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने जबरन गायब किए जाने, अत्यधिक बल प्रयोग, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक और कब्जे वाले क्षेत्र में जवाबदेही की कमी पर बार-बार चिंता व्‍यक्‍त की है। 27 जुलाई को पीओजेके में तथाकथित विधायी चुनावों के पहले दिन रावलकोट में हिंसक झड़पें हुईं।

संयुक्त अवामी कार्रवाई समिति ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं, जिससे कई लोगों की मौत और कई घायल हुए। ब्रसेल्स स्थित ईयू रिपोर्टर की रिपोर्ट में कहा गया है कि मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं के लगातार बंद रहने से पत्रकारों और मानवाधिकार समूहों के लिए जमीनी स्थिति का आकलन करना मुश्किल हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार पीओजेके में राजनीतिक असहमति को नियंत्रित करने के लिए आतंकवाद रोधी कानूनों और आपातकालीन उपायों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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