सितम्बर 10, 2026 9:14 अपराह्न

printer

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और रूस के बीच आर्थिक और औद्योगिक साझेदारी को तेज करने का आह्वान किया

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और रूस के बीच आर्थिक और औद्योगिक साझेदारी को तेज करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का लक्ष्य वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर और निवेश को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। श्री गोयल ने आज नई दिल्ली में रूस के उद्योग और व्यापार मंत्री एंटोन अलीखानोव के साथ इनोप्रोम इंडिया 2026 को संबोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा कि रूस को भारत के समुद्री उत्पादों, सब्जियों, कॉफी, चाय, मसालों और मिलिंग उत्पादों के निर्यात में काफी बढ़ोतरी हुई है। निवेश के क्षेत्र में भारत-रूस प्राथमिकता निवेश परियोजना तंत्र के अंतर्गत उन्नत विनिर्माण, ऊर्जा, खनन, रेलवे और उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़ी 40 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। श्री गोयल ने रूस से फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेवा, इंजीनियरिंग और रेलवे क्षेत्रों में भारतीय निवेश को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

श्री गोयल ने कहा कि निवेशकों को अधिक कानूनी सुरक्षा देने के लिए दोनों देश नए द्विपक्षीय निवेश समझौते को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर औपचारिक बातचीत शुरू हो गई है और भारत इसे जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे विशेष रूप से एमएसएमई के लिए नए बाजार खुलेंगे।

उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्राओं में भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने तथा अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे और चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री गलियारे के जरिए संपर्क बेहतर बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। श्री गोयल ने कहा कि भारत-रूस संबंधों ने वैश्विक बदलावों के सात दशक सफलतापूर्वक देखे हैं। उन्होंने भारत में पहली बार आयोजित हो रहे इनोप्रोम को बातचीत से उत्पादन और इरादे से उद्योग की ओर बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।