केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि भारत अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित और समावेशी घरों में से एक बना हुआ है। उन्होंने यह बात आज नई दिल्ली में आयोजित ‘राज्य अल्पसंख्यक आयोगों के सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कही। श्री रिजिजू ने कहा कि जब हम भारतीय उपमहाद्वीप में पड़ोसी देशों की ओर देखते हैं, तो हम अक्सर पाते हैं कि अल्पसंख्यक समुदायों को अस्तित्व संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और वे भारत में शरण ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान से लेकर श्रीलंका तक, पूरे क्षेत्र के अल्पसंख्यकों ने भारत को आश्रय, सुरक्षा और गरिमा के स्थान के रूप में देखा है। मंत्री ने राज्य अल्पसंख्यक आयोगों से आह्वान किया कि वे अल्पसंख्यक समुदायों के मुद्दों और शिकायतों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
श्री रिजिजू ने राज्य अल्पसंख्यक आयोगों से अल्पसंख्यक समुदायों के मुद्दों और शिकायतों को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता पर बल दिया है। श्री रिजिजू ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार देश के हर नागरिक के कल्याण और विकास के विज़न के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम-पीएमजेवीके और प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन जैसी योजनाएं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। उन्होंने अल्पसंख्यकों के कल्याण की दिशा में काम करने के लिए राज्य अल्पसंख्यक आयोगों को केंद्र सरकार के समर्थन को दोहराया।
इस अवसर पर बोलते हुए, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अल्पसंख्यक समुदायों के विकास और रोजगार के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पीएमजेवीके ने अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमियों को कम करने में मदद की है, जबकि पीएम विकास ने कौशल विकास और प्रशिक्षण के अवसरों को मजबूत किया है। उन्होंने राज्यों से इन योजनाओं का पूरा लाभ उठाने और समावेशी प्रगति की दिशा में मिलकर आगे बढ़ने का आग्रह किया। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में तेलंगाना, बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के संबंधित मंत्रियों के साथ-साथ राज्य अल्पसंख्यक आयोगों के अध्यक्षों और सदस्यों ने भाग लिया।