अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने नाटो के कई सहयोगी देशों पर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान अमरीका का समर्थन न करने का आरोप लगाया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमरीका का दशकों से यूरोप की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध रहने के बावजूद कई यूरोपीय देशों की प्रतिक्रिया से उन्हें निराशा हुई है।
तुर्किए के अंकारा में नाटो नेताओं की आगामी बैठक से पहले संगठन के महासचिव मार्क रुट्टे के साथ संयुक्त बातचीत में श्री ट्रंप ने नाटो सहयोगियों के इस रुख पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका ने ईरान को आतंकवाद का नंबर एक प्रायोजक बताते हुए सहयोगियों से समर्थन मांगा, तो नाटो इस महत्वपूर्ण परीक्षा में विफल रहा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमरीका को इस अभियान के लिए किसी सैन्य सहायता की जरूरत नहीं थी, वह केवल सहयोगियों की प्रतिक्रिया को परख रहे थे। श्री ट्रंप ने खुलासा किया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन और इटली सहित कई यूरोपीय नेताओं से संपर्क किया, लेकिन नाटो के कुछ छोटे सदस्यों ने ही समर्थन किया है।