संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र अब केवल यात्रा, मनोरंजन और घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख आधार और रोजगार का महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। नई दिल्ली में एसोचैम द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन में श्री शेखावत ने कहा कि वैश्विक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद पर्यटन क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष देश में घरेलू पर्यटन में 12.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और देशभर में 428 करोड़ से अधिक पर्यटक यात्राएं हुईं। पिछले वर्ष दो करोड़ 53 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक भारत आए।
श्री शेखावत ने कहा कि भारत की वैश्विक पर्यटन पहचान मजबूत करने के लिए पर्यटन स्थलों का बेहतर प्रबंधन और पर्यटकों को अच्छी सुविधाएं देना जरूरी है। उन्होंने गाइड, टैक्सी चालक और होटल-कर्मियों सहित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के प्रशिक्षण और कौशल विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अतिथि देवो भव: केवल एक सिद्धांत नहीं, बल्कि व्यवहार और सेवाओं में दिखाई देना चाहिए।
श्री शेखावत ने पर्यटन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार 50 नए पर्यटन स्थल विकसित करने पर काम कर रही है। इसके लिए कम प्रसिद्ध स्थानों को बढ़ावा देने, मौजूदा पर्यटन स्थलों पर भीड़ कम करने और पर्यटकों के लिए नए अनुभव तैयार करने में अतिरिक्त निवेश की जरूरत है।