अमरीकी सेना ने आज ईरान पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के अर्धसैनिक बल ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर-आईआरजीसी को निशाना बनाया गया। अमरीका ने कहा है कि यह हमला जॉर्डन में अमरीकी सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए किया गया है। अमरीकी केन्द्रीय कमान ने एक बयान में कहा कि उन्होंने ईरान की तटीय निगरानी सेना और वायु रक्षा केन्द्रों, समुद्री क्षमताओं और मिसाइल व ड्रोन ठिकानों पर हमले किए। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार इस कार्रवाई में खास तौर पर ‘गार्ड’ को निशाना बनाया गया। यह ईरान के धार्मिक शासन का एक महत्वपूर्ण सत्ता केन्द्र है और यही उनके बैलिस्टिक मिसाइल जखीरे पर नियंत्रण करता है। ईरान ने अमरीकी हमले में हुए नुकसान के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी है।
यह हमला अब आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है। दोनों पक्षों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर लड़ाई जारी है। दूसरी ओर, आईआरजीसी ने कहा है कि उसने ईरान के अहवाज़ में अमरीका के एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया है। सेंट्रल खातम अल-अंबिया मुख्यालय के कमांडर, मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी है कि ईरान की सेना, अमरीका की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का करारा जवाब देगी।