सितम्बर 1, 2026 11:58 पूर्वाह्न

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काठमांडू में भारतीय दूतावास ने नेपाल बाढ़ के पीड़ितों की पहचान और उनके शवों को वापस लाने के बारे में जानकारी साझा की

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के शवों की पहचान और स्वदेश वापसी से संबंधित जानकारी साझा की है। दूतावास ने बताया कि नेपाल सरकार के अनुसार, विदेशी नागरिकों के शवों को सौंपने के लिए कई चरणों की आवश्यकता होती है। इनमें शवों का दस्तावेजीकरण, तस्वीरें और विवरण रिकॉर्ड करना, पोस्टमार्टम, मृत्यु के कारण का सत्यापन, औपचारिक पहचान, उंगलियों के निशान, डीएनए और अन्य फोरेंसिक नमूनों का संग्रह, मृतक के पासपोर्ट या पहचान पत्र का सत्यापन और दूतावास या वाणिज्य दूतावास के साथ समन्वय शामिल है।

दूतावास ने कहा कि यदि रिश्तेदार और परिवार के सदस्य नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध तस्वीरों और विवरणों के माध्यम से शवों की पहचान कर पाते हैं, तो दूतावास शवों को सौंपने और स्वदेश वापसी के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करने में सहायता करेगा। दूतावास ने कहा कि नेपाल सरकार ने स्वास्थ्य जोखिमों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में शवों का अस्‍थायी अंतिम संस्कार किया है। ऐसे शवों की पहचान के लिए रिश्तेदारों के साथ डीएनए मिलान आवश्यक होगा। जिन मामलों में पहचान संभव नहीं है या शव को अस्थायी रूप से दफनाया गया है, वहां सरकार डीएनए मिलान की सुविधा प्रदान करेगी। दूतावास ने कहा कि लोग हेल्पलाइन नंबरों पर दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। नम्‍बर है- +9 7 7 – 9 8 5 1 3 1 6 8 0 7, 9 7 0 9 1 0 7 5 0 0, 9 8 1 0 3 2 6 1 1 7